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चमोली।जनपद की निजमुला घाटी में रसोई गैस की किल्लत ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। घाटी के दर्जनों गांवों में पिछले तीन महीनों से गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पूर्व प्रधान व्यारा बृजलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि गोपेश्वर गैस एजेंसी की ओर से पिछले तीन माह से घाटी के गांवों में गैस का वितरण नहीं किया गया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि लोगों के घरों में रखे सिलेंडर खाली हो चुके हैं और वे पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाने को मजबूर हैं।
बृजलाल ने घाटी की एक और गंभीर समस्या को उजागर करते हुए बताया कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण गैस बुक करने में असमर्थ हैं,ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य होने और घाटी में सिग्नल गायब रहने से उपभोक्ता चाहकर भी अपना पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं।नेटवर्क की तलाश में ग्रामीणों को ऊंची पहाड़ियों या कई किलोमीटर दूर तक पैदल चलना पड़ता है, फिर भी बुकिंग की सफलता की कोई गारंटी नहीं रहती।
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी नेटवर्क ही गायब है। निजमुला घाटी के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और गैस एजेंसी प्रबंधन से जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने तथा नेटवर्क की समस्या का समाधान ढूंढते हुए ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था करने की मांग की है।


