चमोली: चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचते ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेट्रोल-डीजल संकट गहरा गया है। पीपलकोटी से लेकर पाखी, हेलंग, पैनी,जोशीमठ, गोविंदघाट और बदरीनाथ धाम तक कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पिछले दो-तीन दिनों में यात्रा मार्ग पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ने से ईंधन की मांग कई गुना बढ़ गई है। वहीं कई पेट्रोल पंपों पर समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जिन पंपों पर थोड़ा बहुत स्टॉक बचा है, वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर जाम जैसे हालात भी बने रहे है।
यात्रा मार्ग पर कई वाहन बीच रास्ते में ही ईंधन खत्म होने से खड़े हो गए। इससे छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दिल्ली से आए वाहन चालक पुष्कर सिंह ने बताया कि वह करीब दो घंटे तक पीपलकोटी पंप में लाइन में खड़े रहे। पंप कर्मचारियों ने आगे डीजल मिलने की बात कही, लेकिन जोशीमठ तक भी ईंधन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि जल्द डीजल नहीं मिला तो आगे बढ़ना और वापस लौटना दोनों मुश्किल हो जाएगा।
ईंधन संकट का असर स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। टैक्सी संचालकों, आपातकालीन सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले लोगों को भी डीजल-पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यात्रा सीजन में अतिरिक्त ईंधन भंडारण और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इधर जिला पूर्ति अधिकारी चमोली अंकित पांडे ने कहा कि जिले में तेल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से तेल कंपनियों द्वारा पूरे देश में कैश पेमेंट पर ही तेल आपूर्ति की जा रही है। पहले पेट्रोल-डीजल बिकने के बाद कंपनियों को भुगतान किया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के चलते आपूर्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसी कारण कुछ स्थानों पर दिक्कतें सामने आ रही हैं।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, यात्रा में वाहनों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ गई है। वहीं संकरे पहाड़ी रास्तों और लगातार लग रहे जाम के कारण तेल टैंकर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। यदि जल्द आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


