गोपेश्वर। भारत-तिब्बत सीमा को जोड़ने वाली अति-महत्वपूर्ण जनरल स्टाफ रोड (ग्वालदम-नन्दकेशरी-पाणा-ईराणी-तपोवन) का निर्माण कार्य शुरू न होने पर क्षेत्रवासियों में रोष है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता रघुवीर बिष्ट ने गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन सौंपकर अविलंब निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की है।
रक्षा मंत्री के उद्घाटन के बाद भी बीआरओ की सुस्ती
रघुवीर बिष्ट ने ज्ञापन के माध्यम से सांसद को अवगत कराया कि भारत सरकार ने सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस 100 किलोमीटर लंबी वैकल्पिक बॉर्डर रोड को दो वर्ष पूर्व स्वीकृति दी थी। उन्होंने बताया कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक वर्ष पूर्व इस मोटर मार्ग का विधिवत उद्घाटन भी कर चुके हैं। इसके बावजूद, कार्यदायी संस्था सीमा सड़क संगठन द्वारा अभी तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है, जो चिंता का विषय है।
सांसद को सौंपे गए पत्र में बिष्ट ने कहा कि यह सड़क न केवल सेना के आवागमन और सीमा सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य है, बल्कि यह दुर्गम क्षेत्रों—पाणा, ईराणी और नन्दकेशरी—को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी। उन्होंने कहा”रक्षा मंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के एक वर्ष बाद भी कार्य प्रारंभ न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सामरिक महत्व को देखते हुए बीआरओ को तत्काल प्रभाव से काम शुरू करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।”
रघुवीर बिष्ट ने सांसद अनिल बलूनी से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार और बीआरओ के उच्च अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में हो रही देरी के निवारण हेतु निर्देशित करें। सांसद बलूनी ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र प्रभावी कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

