गोपेश्वर।चमोली जनपद के ऐतिहासिक गोपीनाथ मंदिर से आज पंचकेदार में से एक, चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की पवित्र डोली वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ अपने शीतकालीन गद्दीस्थल से कैलाश रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। इस पावन अवसर पर समूचा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और भगवान रुद्रनाथ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
सुबह से ही गोपीनाथ मंदिर परिसर में स्थानीय श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों का तांता लगा रहा। भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और डोली को कंधा देने के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। डोली रवानगी के दौरान भक्तों की आंखें भावुक नजर आईं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक वाद्य यंत्रों,आर्मी की बैंड धुनों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते दिखे। पूरी गोपेश्वर गोपीनाथ मंदिर भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर नजर आई।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज गोपीनाथ मंदिर से प्रस्थान करने के बाद भगवान की डोली अपने विभिन्न पड़ावों से होते हुए दुर्गम और अत्यंत खूबसूरत बुग्यालों के रास्ते रुद्रनाथ धाम पहुंचेगी ओर कल 11 बजे रुद्रनाथ भगवान के कपाट खुलेंगे।पवित्र स्नान और पूजा रवानगी से पूर्व आज तड़के भगवान रुद्रनाथ के विग्रह का विशेष जलाभिषेक कर भव्य श्रृंगार किया गया।भक्तों की मनोकामनाएं रास्ते भर विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने डोली पर फूल-अक्षत बरसाकर भगवान का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की खुशहाली की मन्नतें मांगी।समुद्र तल से लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोले जा रहे हैं। यहां भगवान शिव के ‘एकानन’ (मुख) के दर्शन होते हैं। यह यात्रा उत्तराखंड की सबसे कठिनतम ट्रेकिंग यात्राओं में से एक मानी जाती है।
रुद्रनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही अब उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस पावन तीर्थ में ग्रीष्मकालीन पूजाएं विधिवत शुरू हो जाएंगी, जिसके लिए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस अवसर पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी. कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल. थराली विधायक भूपाल राम, राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत. भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी., मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज भट्ट जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सरजीत सिंह पंवार सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।


