अब सरकारी दफ्तरों में 24-26 डिग्री पर चलेंगे AC, ‘नो व्हीकल डे’ को मिलेगा बढ़ावा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक के बाद राज्य सरकार ने ऊर्जा संरक्षण, ईंधन बचत और सतत विकास की दिशा में कड़े कदम उठाए हैं। प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु द्वारा इस संबंध में सभी विभागों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों के बीच ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग अब समय की मांग है। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा बचत को एक ‘जनआंदोलन’ बनाना है।
सरकारी दफ्तरों के लिए सख्त नियम
नए निर्देशों के मुताबिक, अब सभी सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखा जाएगा। बेवजह जलने वाली लाइटों और बिजली उपकरणों पर नियंत्रण के लिए विभागों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों को कार-पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहनों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
‘वर्क फ्रॉम होम’ और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर
ईंधन की खपत घटाने के लिए अब फिजिकल मीटिंग्स की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य में ‘नो व्हीकल डे’, कर्मचारी बस सेवा और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी संस्थानों से भी इन प्रयासों में सहयोग की अपील की गई है।
पर्यटन और ‘मेड इन उत्तराखंड’ को नई उड़ान
राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है लोकल टूरिज्म: ‘Visit My State’ अभियान के जरिए ग्रामीण और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ के लिए अब सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय उत्पाद: ‘मेड इन उत्तराखंड’ अभियान के तहत MSMEs और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर जगह दिलाई जाएगी। GI टैग उत्पादों के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा पर फोकस
कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों की निर्भरता कम करने के लिए जीरो बजट फार्मिंग और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैनल और नगर निकायों में कचरे से बायो-गैस (CBG) बनाने की परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी।राज्य सरकार ने साफ किया है कि खनन और सौर ऊर्जा जैसे बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों में देरी न हो।


