गोपेश्वर/थराली:चमोली जनपद के थराली नगर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ गुरुवार सुबह हुए एक भीषण अग्निकांड में करीब एक सदी पुराना ऐतिहासिक कपूर गली भवन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस ऐतिहासिक इमारत के धूं-धूं कर जलने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10:00 बजे स्थानीय लोगों ने भवन से धुआं उठता देखा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और तहसील प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अग्निशमन दल को बचाव कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी। भवन के संकरी गलियों में स्थित होने और मुख्य सड़क से दूरी होने के कारण दमकल के वाहनों को वहां तक पहुँचाने में काफी दिक्कतें आईं। हालांकि, स्थानीय निवासियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक लकड़ी से बनी यह ऐतिहासिक धरोहर राख के ढेर में तब्दील हो चुकी थी।
राहत की बात यह रही कि जिस समय आग लगी, भवन में रह रहे मजदूर अपने काम पर गए हुए थे। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन मजदूरों का घरेलू सामान, कपड़े और अन्य कीमती सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।
स्थानीय व्यापारी प्रेम बुटोला ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बताया “कपूर गली भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि थराली की ऐतिहासिक पहचान थी। पुराने समय में यहाँ सरकारी खजाना (ट्रेजरी) और बाजार की मुख्य गतिविधियां संचालित होती थीं। नए पुल के निर्माण के बाद बाजार दूसरी ओर शिफ्ट हो गया, जिससे यह भवन धीरे-धीरे वीरान हो गया था।”
घटना की सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन ने मौके का मुआयना किया। प्रशासन द्वारा वर्तमान में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।


