चमोली। वैवाहिक सीजन के बीच चमोली जिले में शादी वाले घरों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी ने रसोई का बजट और आयोजन की व्यवस्था बिगाड़ रखी है, वहीं अब बाजार में 10, 20 और 50 रुपए के नए नोटों की भारी किल्लत ने पारंपरिक रस्मों की चमक फीकी कर दी है।
शहरों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे नोटों का संकट गहराता जा रहा है। शादी वाले परिवारों के सदस्य गुड्डू बिष्ट और महिपाल फर्स्वाण ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खासकर 10 रुपए के नए नोट पूरी तरह से बाजार से नदारद हैं। लोग परिचितों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी जुगाड़ लगाने की कोशिश कर रहे हैं,
जानकारों के अनुसार, एक सामान्य शादी में केवल अगवानी और विदाई की रस्मों के लिए ही 10, 20 और 50 रुपए के कम से कम 8 बंडल की आवश्यकता होती है। शादी के अलावा अन्य पारंपरिक रस्मों के लिए भी छोटे नोटों की भारी मांग रहती है।


