नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 : सीमांत नीति घाटी में साहस, समन्वय और विकास की नई उड़ान

jantakikhabar
0 0
Read Time:9 Minute, 4 Second

उत्तराखंड के चमोली जनपद की दुर्गम, सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नीति घाटी में आयोजित “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” का सफल आयोजन राज्य के साहसिक पर्यटन इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में 31 मई से 02 जून तक आयोजित इस भव्य आयोजन ने न केवल प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और साहस का परिचय दिया, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन विकास, स्थानीय सहभागिता और नागरिक-सैन्य समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

 

हिमालय की ऊँची चोटियों, बर्फीली हवाओं और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आयोजित यह अल्ट्रा रन अपने आप में अद्वितीय रहा। नीति घाटी, जो लंबे समय तक केवल सामरिक दृष्टि से पहचानी जाती रही, अब साहसिक पर्यटन और उच्च हिमालयी खेल गतिविधियों के एक उभरते केंद्र के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। इस आयोजन ने यह साबित किया कि सीमांत क्षेत्रों में भी विश्वस्तरीय एडवेंचर इवेंट सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकते हैं।

 

उत्तराखंड पर्यटन विभाग और भारतीय सेना के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता को 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर तथा एमटीबी चैलेंज प्रतिस्पर्धा जैसी विभिन्न श्रेणियों में आयोजित किया गया।

 

प्रतिभागियों को समुद्र तल से हजारों फीट ऊँचाई पर कम ऑक्सीजन, कठिन चढ़ाई, पथरीले मार्ग और लगातार बदलते मौसम जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इन कठिन चुनौतियों के बावजूद प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया।

 

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता भारतीय सेना और नागरिक प्रशासन के बीच उत्कृष्ट समन्वय रहा। सीमित संसाधनों और कठिन पहुंच वाले नीति घाटी क्षेत्र में भारतीय सेना ने आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेना द्वारा प्रतिभागियों के लिए टेंट व्यवस्था, भोजन, चिकित्सा सहायता, मार्ग सुरक्षा, संचार नेटवर्क तथा आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाएं अत्यंत व्यवस्थित ढंग से संचालित की गईं। सेना के अनुशासन और प्रशासन की योजनाबद्ध कार्यशैली ने पूरे आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बनाया।

 

चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्थाओं की दृष्टि से भी यह आयोजन अत्यंत मजबूत और संवेदनशील रहा। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पूरे रूट पर विभिन्न स्थानों पर मेडिकल पोस्ट स्थापित किए गए थे। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार सामग्री और आपातकालीन निकासी की व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं।

 

प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था की गई, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

 

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का स्थानीय समुदाय पर भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रतिभागियों, पर्यटकों और आयोजन से जुड़े लोगों के कारण स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। होमस्टे संचालकों, स्थानीय दुकानदारों, परिवहन सेवाओं, भोजन व्यवस्थाओं और गाइड सेवाओं से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित न रखकर एक सामुदायिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।

 

यह आयोजन सीमांत गांवों में आत्मविश्वास और विकास की नई ऊर्जा लेकर आया है। स्थानीय लोगों ने महसूस किया कि उनके गांव और संस्कृति अब राष्ट्रीय मंच पर पहचान बना रहे हैं। प्रतिभागियों और पर्यटकों ने नीति घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय आतिथ्य की खुलकर सराहना की। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि देशभर में मजबूत हुई है।

 

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026, केंद्र सरकार की “वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज” पहल की भावना के अनुरूप एक प्रभावी कदम के रूप में सामने आया है। सीमांत क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन केवल पर्यटन गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं देते, बल्कि वहां के लोगों में राष्ट्रीय एकता, आत्मविश्वास और विकास की भावना को भी सशक्त करते हैं। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि मजबूत योजना, प्रभावी समन्वय और संसाधनों का उचित उपयोग किया जाए तो देश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी बड़े स्तर के आयोजन सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं।

 

इस आयोजन ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म की नई पहचान देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इससे स्थानीय लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर विकसित होंगे और सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी।

 

भविष्य में इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं। नीति घाटी की प्राकृतिक भौगोलिक परिस्थितियां, हिमालयी ट्रैक, ऊँचाई और साहसिक वातावरण इसे वैश्विक स्तर के एडवेंचर स्पोर्ट्स आयोजन के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

 

“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, समर्पण, समन्वय और विकास का एक प्रेरणादायी अभियान बनकर उभरा है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया है कि सीमांत क्षेत्र केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे पर्यटन, संस्कृति, खेल और विकास की अपार संभावनाओं से भी भरपूर हैं। नीति घाटी में आयोजित यह ऐतिहासिक आयोजन आने वाले समय में नई संभावनाओं, नए अवसरों और सीमांत विकास के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।

Avatar

About Post Author

jantakikhabar

9897129437 गोपेश्वर चमोली ranjeetnnegi@gmail.com
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

Subscribe US Now

Share
error: Content is protected !!