चमोली।उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही वनाग्नि की स्थिति पर काबू पाने और उसकी प्रभावी निगरानी के लिए वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी सिलसिले में वन संरक्षक (नोडल) डॉ. विनय भार्गव ने जनपद चमोली का दौरा किया। उन्होंने क्षेत्र में वनाग्नि की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों की उच्च स्तरीय समीक्षा की।

इस दौरान डॉ. भार्गव ने समाज से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाना केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सबका सामूहिक और नैतिक कर्तव्य है। हमें सजग बनना होगा ताकि अपनी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस ‘हरे सोने’ की रक्षा की जा सके,अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी व समीक्षा दौरान वन संरक्षक डॉ. भार्गव ने केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह से वनाग्नि से प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली और अब तक किए गए नियंत्रण प्रयासों का अपडेट मांगा। उन्होंने वनाग्नि की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों को जंगलों की चौबीसों घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।वन संरक्षक ने सभी रेंज अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनता के साथ निरंतर समन्वय और संवाद बनाए रखें, ताकि वनाग्नि की घटनाओं की सूचना मिलते ही जनभागीदारी के साथ उन पर तुरंत काबू पाया जा सके।
इस अवसर पर बद्रीनाथ प्रभागीय वनाधिकारी अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग गोपेश्वर प्रियंका सुंडली, उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोडा, बद्रीनाथ वन प्रभाग उप प्रभागीय वनाधिकारी जुगल किशोर, वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर धनपुर रेंज, वन प्रभाग वन क्षेत्राधिकारी हेमंत बिष्ट, मनोहर सिंह बिष्ट, अलकनंदा वन प्रभाग वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद भट्ट, रविंद्र निराला और कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

