Read Time:2 Minute, 47 Second
चमोली।गौरव कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मातृ मृत्यु से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अभिषेक गुप्ता को जिले में रेफरल मामलों, हाई-रिस्क प्रेगनेंसी तथा 108 एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई-रिस्क गर्भावस्था के मामलों की नियमित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संसाधनों की उपलब्धता और बेहतर प्रसव देखभाल को जवाबदेही के साथ गंभीरता से लिया जाए।
जिलाधिकारी ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, मौत के कारणों की पहचान करने तथा सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी अस्पतालों में आवश्यक मैनपावर बढ़ाने और जहां चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता हो, वहां प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाए और प्रसव पूर्व चार एएनसी जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री कर हाई-रिस्क मामलों का पंजीकरण और प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। सभी गर्भवती महिलाओं की संस्थागत डिलीवरी पर विशेष जोर दिया जाए तथा एएनएम कार्यों की समय-समय पर औचक निगरानी की जाए।
उन्होंने सभी शासकीय अस्पतालों में साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने, चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा जिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी है वहां अन्य अस्पतालों से ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए।

